Monday, June 29 2026

अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा की ओजस्वी प्रस्तुति के साथ मुजफ्फरपुर पुस्तक मेले का समापन

FIRSTLOOK BIHAR 17:40 PM बिहार

मुजफ्फरपुर : आदर्श छात्रावास, कलमबाग रोड स्थित वातानुकूलित सभागार में आयोजित चार दिवसीय मुजफ्फरपुर पुस्तक मेला रविवार को अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा की प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति, बच्चों के पुरस्कार वितरण समारोह और साहित्यिक उल्लास के बीच भव्य रूप से संपन्न हो गया समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), नई दिल्ली एवं प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पुस्तक मेले ने चार दिनों तक मुजफ्फरपुर को ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता के रंगों से सराबोर रखा

समापन समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा का स्वागत समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया



इसके बाद उन्होंने अपने एकल काव्य पाठ की शुरुआत की और वीर रस, प्रेम, श्रृंगार तथा समकालीन सामाजिक विसंगतियों पर आधारित अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया





उनकी ग़ज़ल की इन पंक्तियों ने पूरे सभागार को देर तक सोचने पर मजबूर कर दिया—
जब तक न मौत आई यही सिलसिला रहा, मैं ज़िन्दगी को रोता रहा, ज़िन्दगी मुझे
इसके बाद उन्होंने पढ़ा—
आता नहीं है जिनको सलीक़ा-ए-गुफ़्तगू, दिखला रहे हैं जौहर-ए-दानिशवरी मुझे इन पंक्तियों पर सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा उनकी प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि कविता केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का आईना भी होती है

समापन समारोह में प्रसिद्ध हास्य कवि आमिर हमजा, सविता राज, मुस्कान और नंदिनी कुमारी ने भी अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया हास्य, व्यंग्य, संवेदना और सामाजिक सरोकारों से भरपूर उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा पूरे सभागार में साहित्यिक वातावरण देर तक बना रहा

पुस्तक मेले के दौरान आयोजित चित्रकला, कविता, कहानी सुनाओ, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को समापन समारोह में प्रमाण-पत्र, पुस्तकें एवं आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि अंकिता सिन्हा के हाथों संपन्न हुआ

बच्चों के चेहरे पर खुशी और अभिभावकों के उत्साह ने पूरे समारोह को भावनात्मक बना दिया

चार दिनों तक चले इस पुस्तक मेले में हजारों पुस्तक प्रेमियों ने विभिन्न प्रकाशनों की पुस्तकों का अवलोकन किया और अपनी पसंद की पुस्तकें खरीदीं साहित्य, प्रतियोगी परीक्षाओं, धर्म, इतिहास, संस्कृति, बाल साहित्य, व्यक्तित्व विकास और समसामयिक विषयों की पुस्तकों की अच्छी बिक्री हुई साथ ही कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लेखक संवाद और रचनात्मक प्रतियोगिताओं ने मेले को एक जीवंत सांस्कृतिक महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया समय इंडिया (ट्रस्ट) के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि मुजफ्फरपुर के पाठकों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि पुस्तक संस्कृति आज भी समाज में जीवित है उन्होंने सभी प्रतिभागियों, साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगियों और पुस्तक प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में ज्ञान और सकारात्मक चिंतन का वातावरण तैयार करते हैं

झारखंड–बिहार पुस्तक मेला परिक्रमा का अगला एवं अंतिम पड़ाव अब समस्तीपुर होगा, जहां 2 से 5 जुलाई, 2026 तक चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा उल्लेखनीय है कि 2 अप्रैल, 2026 को झारखंड के हजारीबाग से आरंभ हुई यह ऐतिहासिक पुस्तक परिक्रमा झारखंड के विभिन्न नगरों से होती हुई बिहार के भागलपुर, मुंगेर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर पहुंची

समस्तीपुर इस परिक्रमा का 14वां और अंतिम पड़ाव होगा, जहां लगभग तीन माह तक चली इस ज्ञान यात्रा का भव्य समापन किया जाएगा

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