मुजफ्फरपुर : भगवानपुर स्थित एक निजी होटल के सभागार में कांग्रेस पश्चिमी द्वारा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा, रोजगार तथा अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए एक ठोस संवाद स्थापित करना था
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश का भविष्य छात्रों के हाथों में है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं इन समस्याओं का समाधान किए बिना देश का समुचित विकास संभव नहीं है
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को प्रोजेक्टर के माध्यम से केंद्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हाल के दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर दिए गए वक्तव्यों को दिखाया गया इन विचारों के जरिए छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जा रहा है इससे छात्रों में जागरूकता और संवाद की भावना को बल मिला
इस मौके पर छात्र प्रियांशु, अनुराग, सन्नी और कुणाल समेत कई विद्यार्थियों ने खुलकर अपने विचार रखे उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, बढ़ती फीस, रोजगार के अवसरों की कमी और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया छात्रों ने सरकार से पारदर्शी व्यवस्था, बेहतर संसाधन और समय पर परीक्षाओं के आयोजन की मांग की
छात्रों ने यह भी कहा कि उनकी अपेक्षाएं केवल डिग्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक बेहतर भविष्य और सम्मानजनक रोजगार चाहते हैं उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और ठोस कदम उठाए जाएं
कार्यक्रम में सुरेश शर्मा नीरज, आलोक शर्मा सुशील शाही, ओंकार नाथ चौधरी, त्रिभुवन पटेल, मोहम्मद अब्दुल्ला, नीरज कुमार, रमेश तिवारी वीरेंद्र यादव रितेश झा और शिवम समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे सभी ने छात्रों के मुद्दों को समर्थन देते हुए उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया
कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि छात्रों की समस्याओं को संबंधित मंचों तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे यह आयोजन छात्रों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ