मुजफ्फरपुर के डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय (आरएमएलएस कॉलेज) में बिहार सरकार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के खिलाफ चल रहा विरोध-प्रदर्शन अब पूरी तरह तेज हो गया है.
शिक्षक संघ के आह्वान पर लगातार पांचवें दिन भी शिक्षकों और कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार विरोधी नारे लगाकर इस कानून को वापस लेने की मांग की. महाविद्यालय शिक्षक-संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार साह एवं सचिव डॉ. नन्हे कुमार की अगुवाई में सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर इस विधेयक को शिक्षा विरोधी कानून करार दिया. आंदोलन में मुख्य रूप से अपनी आवाज बुलंद करने वाले शिक्षकों में डॉ. एच. पी. यादव, डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. कुमारी रेखा, डॉ. अशोक साह, डॉ. नन्हें कुमार, डॉ. मुकेश सरदार, डॉ. राफीउल्लाह अंसारी, डॉ. बैद्यनाथ राम, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सैयद अबुजर अली, डॉ. अनामिका, डॉ. बसंत लाल, डॉ. दिनकर सिंह चौहान, डॉ. सतीश चंद्र पटेल आदि थे
इन शिक्षकों का कहना है कि यह विधेयक बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर उसे पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में लाने की साजिश है
शिक्षकों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं लेती, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.