बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ के आह्वान पर 25 अगस्त 2026 को जेपी गोलंबर गांधी मैदान से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक राज्य के हजारों अतिथि प्राध्यापक शांतिपूर्ण पैदल मार्च में हिस्सा लेंगे अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी सेवा की स्थिरता, भविष्य की सुरक्षा और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते रहे हैं
बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ ललित किशोर ने कहा कि अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति यूजीसी मानदंडों के अनुसार आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए विश्वविद्यालय चयन समिति द्वारा किया गया है विगत वर्षों में उच्च शिक्षा को गति प्रदान करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब विपक्ष में थे तो विधानसभा के मुख्य द्वार पर बैनर के साथ अतिथि प्राध्यापकों की सेवा नियमितीकरण का समर्थन किया था आज वे सत्ता में है मगर इनकी सेवा नियमितीकरण पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है अतिथि प्राध्यापकों के सब्र का बांध टूट चुका है इसलिए 25 अगस्त को पूरे बिहार के हजारों अतिथि प्राध्यापक पटना गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च में शामिल होंगे उस दिन यदि मांगे नहीं मानी गई तो अगले दिन से पटना के गर्दनीबाग में बिहार के सभी अतिथि प्राध्यापक भूख हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे
बिहार विश्वविद्यालय के महासचिव डॉ राघव मणि, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ नीतेश कुमार, संयोजक डॉ सर्वेश्वर कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार, सचिव डॉ राकेश रंजन, कानूनी सलाहकार डॉ संजय कुमार यादव, डॉ रामकृष्ण, डॉ मौमिता बनर्जी, डॉ रंजीत कुमार, डॉ दिगंबर झा, डॉ मिंटू कुमारी, डॉ सीमा सिंह, डॉ मीनू कुमारी समेत विभिन्न कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने सभी अतिथि प्राध्यापकों से पटना चलने का आह्वान किया है