मरे मवेशियों और कचरे से उठ रही दुर्गंध से परेशान लोगों ने किया हंगामा, विधायक के हस्तक्षेप पर डेढ़ घंटे बाद मुक्त हुए अधिकारी; एक सप्ताह में समाधान नहीं तो 18 नवंबर से रेवा रोड एनएच-722 जाम करने की चेतावनी
मड़वन रौतिनिया स्थित कचरा डंपिंग प्वाइंट पर शहर के मरे हुए मवेशियों और अन्य कचरे को फेंके जाने तथा उसका समुचित निष्पादन नहीं होने से फैल रही दुर्गंध को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम के उप आयुक्त अमित कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी गौरव नारायण और सहायक अभियंता मुजम्मिल समेत आधा दर्जन अधिकारी मौके पर पहुंचे
अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए और जमकर हंगामा करने लगे
आक्रोशित ग्रामीणों ने बाहर के गेट को बंद कर अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को एक साथ कार्यालय में बंद कर दिया इसके बाद नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ग्रामीणों की मांग थी कि मौके पर नगर निगम आयुक्त और जिलाधिकारी को बुलाया जाए तथा डंपिंग प्वाइंट की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए
सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार और मड़वन सीओ पुष्कल कुमार मौके पर पहुंचे विधायक ने ग्रामीणों से बातचीत की और जिलाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की करीब डेढ़ घंटे बाद एक सप्ताह के अंदर बैठक कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के आश्वासन पर अधिकारियों और कर्मियों को मुक्त कराया गया
विधायक ई. अजीत कुमार ने कहा कि कचरा डंपिंग की समस्या के समाधान के लिए पिछले एक वर्ष से सरकार, नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन के स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा हूं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिला है पिछले दो दिनों से दर्जनों राहगीरों ने भी शिकायत की है कि दुर्गंध के कारण इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है उन्होंने इस समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी
स्थानीय मो. शमीम, सुधीर कुमार सिंह, मनोज सिंह, अंकेश कुमार ओझा, सुधीर चौधरी, मो. रफीक और मो. फूल बाबू समेत दर्जनों ग्रामीणों का आरोप था कि शहर के मरे मवेशियों और कचरे को यहां फेंकने के बाद उसका निष्पादन नहीं किया जाता है इससे आसपास के गांवों और सड़क से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है
विधायक ने चेतावनी दी कि 17 नवंबर तक समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई तो 18 नवंबर से ग्रामीणों के साथ रेवा रोड एनएच-722 को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा उन्होंने कहा कि कांटी और मड़वन को कचरे का ढेर नहीं बनने दिया जाएगा एमआरएफ एजेंसी सही तरीके से काम क्यों नहीं कर रही है, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए नगर निगम प्रशासन इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुआ है
इधर, जिलाधिकारी ने दूरभाष पर एक सप्ताह के अंदर कचरे के निष्पादन समेत सभी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया साथ ही कहा कि निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर संबंधित एजेंसी का कांट्रैक्ट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी