उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण बच्चों में अधिक बीमार होने की संभावना होती है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाए
एईएस वार्ड में सिर्फ एईएस संभावित को ही रखा जाए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार से प्रभावित सभी बच्चों की कम से कम 10 दिनों तक निगरानी की जाए, ताकि कोई चमकी से प्रभावित न हो पाए आशा लगातार भ्रमण कर बच्चों की स्थिति से अवगत कराती रहेेगी